गुणकारी है कीवी
कीवी की फसल की शुरूआत 700 साल पहले चीन में हुई थी। चीन के अलावा कीवी की खेती व्यापक रूप से ब्राजील, न्यूजीलैंड, इटली और चिली में की जाती है। यह पेड़ों पर उगने वाला फल है। इसके पेड़ लगभग 9 मीटर तक लम्बे होते हैं। कीवी का वैज्ञानिक नाम एक्टिनिडिया डेलीसीसा है।

इसके फल के विकास के लिए कम से कम 150 सेंटीमीटर वर्षा की जरूरत होती है। गर्मियों के दौरान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने पर सूरज की गर्मी के कारण इसकी फसल खराब हो जाती है।

आज के समय में कीवी फल ने अपने पोषक और औषधीय गुण के कारण बहुत लोगों का ध्यान अपनी और आकर्षित किया है। हालांकि कीवी के बाहरी भूरे रंग की त्वचा इतनी आकर्षक नहीं हैं पर जब यह दो हिस्सों में काटा जाता है तो इसकी उज्ज्वल हरी त्वचा वास्तव में ताजी और अनूठी लगती है।

कीवी फल को अत्यंत पौष्टिक माना जाता है। यह विटामिन सी , पोटेशियम और फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत है। कीवी में फाइबर पाया जाता है जो हमारी दैनिक आवश्यकता का लगभग 10 प्रतिशत होता है। कीवी फल में विटामिन ई, पोलीफेनॉल्स और कैरोटीनॉयड भी पाया जाता है जो हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।

कीवी फल की दो किस्में पाई जाती हैं गोल्ड कीवी फल और ग्रीन कीवी फल। गोल्ड कीवी फल में अधिक एंटीआॅक्सीडेंट होते हैं और जो हरे कीवीफल से अधिक स्वस्थ होते हैं। कीवी में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है इसलिए यह मधुमेह के लिए बहुत अच्छा होता है।

100 ग्राम कीवी फल में 61 कैलोरी, 14.66 ग्राम काबोर्हाइड्रेट, 1 ग्राम प्रोटीन, 0.52 ग्राम फेट, 3 ग्राम फाइबर, 25 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड (विटामिन बी 9), 0.34 मिलीग्राम विटामिन बी-3, 0.02 मिलीग्राम विटामिन बी-2, 0.02 मिलीग्राम विटामिन बी-1, 87 आईयू विटामिन ए, 92.7 मिलीग्राम विटामिन सी, 1.46 मिलीग्राम विटामिन ई, 40.3 माइक्रोग्राम विटामिन के, 3 मिलीग्राम सोडियम 3 और 312 मिलीग्राम पोटेशियम पाया जाता है।

कीवी खाने के फायदे:

विटामिन सी से भरपूर कीवी में पर्याप्त एंटी-आॅक्सीडेंट पाए जाते है. जो कई तरह के इंफेक्शन से सुरक्षित रखने में सहायक है.

कीवी कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक है. इसके नियमित सेवन से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है. दिल से जुड़ी कई बीमारियों में ये मुख्य रूप से फायदेमंद है.

कीवी में इन्फ्लेमेटरी गुण पाया जाता है. ऐसे में अगर आपको अर्थराइटिस की शिकायत है तो कीवी का नियमित सेवन करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. इसके अलावा ये शरीर के अंदरुनी घावों को भरने और सूजन को कम करने में मदद करता है.

कीवी में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है. कीवी के नियमित सेवन से कब्ज की समस्या में भी फायदा होता है. फाइबर की मौजूदगी से पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहती है.

कीवी फ्रूट में एक्टिनिडेन, एक प्रोटीन घोलने वाला एंजाइम होता है जो भोजन पचाने में मदद करता है। जिस तरह पपीते में पैपेन और अन्नानास में ब्रोमीलेन होता है।

कीवी में मौजूद पोटैशियम का उच्च स्तर इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करता है। यह सोडियम के विपरीत काम करता है।

डीएनए को क्षति से बचाए

कोलिंस, होर्स्का और हॉटेन के अध्ययन द्वारा पता चला है, कीवी में मौजूद एंटीआॅक्सीडेंट्स का अनोखा तालमेल डीएनए कोशिका को आॅक्सीडेटिव डैमेज से बचाता है। कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह कैंसर से भी बचाता है।

कीवी में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी और एंटीआॅक्सीडेंट्स होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करते हैं।

कीवी में कम ग्लाइसीमिक इंडेक्स और हाइ फाइबर कंटेंट होता है। इस वजह से इंसुलिन रश नहीं होता और शरीर में चर्बी नहीं जमा हो पाती है।

कीवी फल में प्रचुर मात्रा में रेशे होते हैं। इसे खाने से कब्ज और दूसरी आंत संबंधी समस्याएं नहीं हो पाती हैं।

कीवी फल का फज्जी फाइबर आंत से टॉक्सिंस को बांधकर बाहर निकाल देते हैं।

हर दिन 2 से 3 कीवी खाने से ब्लड क्लाटिंग 18% और ट्राइग्लिस्राइड्स 15% कम हो जाती है। बहुत से लोग ब्लड क्लाटिंग कम करने के लिए एस्पिरिन का प्रयोग करते हैं, जिसके कारण आंत में जलन और ब्लीडिंग हो सकती है। कीवी फल में एंटी क्लाटिंग गुण होते हैं और कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। साथ साथ बहुत से स्वास्थ्य लाभ मिलता है।

कीवी में ग्लाइसीमिक इंडेक्स कम होने से ब्लड शुगर जल्दी नहीं बढ़ता है। इसका ग्लासीमिक लोड 4 है, जिस कारण यह मधुमेह के रोगियों के लिए सुरक्षित है।

बुढ़ापे की ओर अग्रसर व्यक्तियों में मैकुलर डीजेनेरेशन के कारण आंखों की रोशनी कम होने लगती है। एक लाख से अधिक लोगों पर किए गए अध्ययन के अनुसर 3 कीवी रोज खाने से मैकुलर डीजेनेरेशन 30% कम हो जाता है। कीवी में लूटीन और जियाजैंथिन होता है, जो आंखों के रोग खत्म करता है।

कीवी में प्रचुर एल्कलाइन तत्व होते हैं, जो मिनिरल्स को बढ़ाकर अतिरिक्त एसिड को शरीर में कम करता है। एल्कलाइन और एसिड के संतुलन से जवां त्वचा, अच्छी नींद और शारीरिक ऊर्जा मिलती है। सर्दी से सुरक्षा, गठिया से बचाव और आॅस्टियोपोरोसिस में कमी होती है।

कीवी में विटामिन ई और त्वचा का विघटन कम करने वाला एंटीआॅक्सीडेंट होता है।

कीवी का स्वाद बेहद लाजवाब होता है। बच्चों को भी इसका स्वाद बहुत पसंद होता है।

न्यूट्रिशनल बैलेंस के लिए सभी तरह के फल खाने चाहिए। हर फल में अनोखे गुण और शक्ति होती है। हम सभी तरह के फल न खाकर अपनी पसंद के फल खाते हैं, इसलिए न्यूट्रिशन में कमी रह जाती है।

कीवी फ्रूट पेस्टिसाइड रेजिड्यूज से सुरक्षित होता है। इसलिए इसे सुरक्षित फल की श्रेणी में रखा गया है।

कीवी फल के बारे में रोचक तथ्य

कीवी फल का नाम न्यू जीलैंड के कीवी बर्ड के नाम पर रखा गया है, क्योंकि दोनों छोटे, भूरे और फर वाले हैं।

सभी कीवीफ्रूट फज्जी नहीं होते हैं। लेकिन अधिक लोकप्रिय प्रजाति को फज्जी कीवीफ्रूट कहा जाता है। यह फल सुनहरे रंग का भी होता है, जिसका छिलका चिकना और ब्रांज कलर का होता है। गोल्डेन कीवी मीठा और खुशबूदार होता है।

कीवी एक चाइनीज फल है, लेकिन 60 साल पहले उत्तरी अमेरिका इसकी जानकारी पहुंची। 1962 में पहली बार इसे यूएस में जाना गया।

कीवी को किसी भी तापमान वाले मौसम में बढ़ता है, लेकिन इटली, न्यूजीलैंड और चिली में इसकी पैदावार ज्यादा है।

सावधानी

कीवी फ्रूट में ओक्जलेट होता है। अगर शरीर के द्रव्य में यह ज्यादा जमा हो जाए तो उसे क्रिस्टलाइज कर सकता है और हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है। जिनको किडनी और गाल्ब्लैडर की समस्या हो, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

कीवी में लैटेक्स-फ्रूट एलर्जी सिंड्रोम वाला एंजाइम होता है। जिसे लैटेक्स एलर्जी हो, उसे कीवी से भी एलर्जी होगी। एथलीन गैस से पका हुआ फल आॅर्गैनिक रूप से पके फल की तुलना में ज्यादा एलर्जिक हो सकता है। इसे कुक करके खाने से एंजाइम का असर खत्म हो जाता है।

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