नेल पॉलिश की चमक-कितनी सुरक्षित?

नाखूनों में लगी रंग बिरंगी नेल पॉलिश की छटाएं भला किसे आकर्षित नहीं करती, परंतु आप शायद ही जानते हों कि इस मनमोहक चमक में भी खतरा छिपा हुआ है। यह हमारे लिए पूर्णत: सुरक्षित नहीं है।

प्रत्येक सौंदर्य-प्रसाधन के निर्माण में किसी न किसी रसायनिक-पदार्थ का प्रयोग किया जाता है, उसी प्रकार नेल पॉलिश बनाने में भी मुख्य रूप से ऐसीटोन नामक हानिकारक रसायन का प्रयोग होता है। ऐसीटोन के उंगलियों की त्वचा के संपर्क में आने पर छोटी-छोटी लाल रंग की फुंसियां निकल आती हैं। साथ ही नेल-पॉलिश में मौजूद अन्य रसायनिक पदार्थों से नाखूनों की कोमलता नष्ट हो जाती है, उनकी प्राकृतिक चमक गायब हो जाती है और रंग पीला या सफेद हो जाता है। इस कारण से हल्की सी ठोकर लगने पर वे टूट जाते हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार नेल पॉलिश से निकली वाष्प सांस के द्वारा फेफड़ों में पहुंचकर खून में जा मिलती है। यह वाष्प सिरदर्द, फेफड़ों व आंखों में जलन, खांसी, अनिद्रा तथा घबराहट जैसी शिकायतें पैदा कर सकती है। परिवार के अन्य सदस्य भी इन तकलीफों का शिकार हो जाते हैं क्योंकि भोजन बनाते या आटा गूंथते समय नेल पॉलिश की कुछ मात्रा छूट कर भोजन या आटे में मिल जाती है।

कुछ नेल पॉलिशों में ‘फिनॉल’ व ‘टॉलुईन’ का इस्तेमाल किया जाता है। फिनाल शरीर में कैंसर की संभावना कई गुना बढ़ा देता है। शरीर में इसकी बढ़ती मात्र से त्वचा प्रभावित होने लगती है। इसके कारण त्वचा में जलन, सूजन, मुहांसों का ज्यादा होना आदि जैसी शिकायतें होने लगती हैं। टॉलुईन रसायन अधिक जहरीला है। त्वचा के संपर्क में आते ही यह क्रि याशील हो जाता है। इसके लगातार प्रयोग से जलन, सिरदर्द, चक्कर व भूख लगना जैसी शिकायतें होती है।

इसके अतिरिक्त नेल पॉलिशों में मिलाये जाने वाले अन्य रसायन, जैसे फार्मेल्डिहाइड, नाइट्रोसैल्यूलोन, आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, टाइटेनियम डाई आॅक्साइड आदि भी त्वचा में खुजली पैदा करते हैं तथा हृदय व यकृत पर बुरा असर डालते हैं।

चूंकि हाथों से भोजन बनाया तथा ग्रहण किया जाता है और उंगलियों के संचालन में नाखूनों का पूर्ण योगदान रहता है, अत: इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाय कि हमारे नाखून व इसमें लगाये नेल पॉलिश का कृत्रिम सौंदर्य कहीं हमारे स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव तो नहीं डाल रहे हैं।

वैसे भी यदि नाखूनों की उचित देखभाल कर उसे समय पर काटा व साफ किया जाय तथा कुछ घरेलू उपायों को अपनाया जाय तो इनकी चमक नेल पॉलिश से कहीं अधिक होगी और देखने वाले कह उठेंगे-‘वाह क्या नाखून हैं!’

– उमेश कुमार साहू

SHARE
Previous articleसम्पादकीय
Next articleपुदीना बेक पनीर

Sachi Shiksha – सच्ची शिक्षा का उद्देश्य लोगों को जहां हर सामाजिक विषय पर जानकारी प्रदान करना है वहीं उनमें आध्यात्मिक चेतना को जागृत करना है | पूज्य गुरु जी के अनमोल वचनों को घर घर पहुंचाकर समाज को साफ़ सुथरा बनाना है |