गुणकारी है गुलाब

गुलाब बेहद सुंदर और खुशबूदार पौधा है। यह अपने इन गुणों की वजह से सभी को अच्छा लगता है।

प्राय: किसी भी आयोजन, जैसे विवाह-शादी, जन्मदिन पार्टी या अन्य कोई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, तब फूलों से की सजावट अत्यंत मनोहारी लगती है, लेकिन अगर यही सजावट गुलाब के फूलों से की गई हो, तो कहना ही क्या! गुलाब के फूलों की पत्तियां इतनी मुलायम व खुशबूदार होती हैं कि हर कोई इन्हें अपने पास रखना चाहता है।

ऐसे में जहां सुंगधित एहसास होता है, वहीं यह सुंदरता में भी चार चांद लगा देता है। गुलाब की खूबसूरती के कारण गुलाब को ‘फूलों का राजा’ कहा जाता है।

पूरे भारत में गुलाब के पौधे लगाए जाते हैं। देशी गुलाब लाल रंग का होता है। गुलाब मुख्यत: लाल, गुलाबी व सफेद रंगों में पाया जाता है। वैसे गुलाब की और भी अनगिनत किस्में विकसित की गई हैं। गुलाब द्वारा बनाए जाने वाले दो पदार्थ अधिक प्रसिद्ध हैं ‘गुलकंद’ और ‘गुलाब जल’।

गुलाब अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। यह फूल विटामिन-सी से भरपूर होता है। साथ ही साथ गुलाब के फूलों का रस खून को साफ भी करता है। गुलाब का शर्बत दिमाग को शीतल और शक्ति देता है। गुलाब में न केवल एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल गुण मौजूद हैं, बल्कि यह लैक्सेटिव और ड्यूरेटिक गुणों से भी भरा है।

लैक्सेटिव और ड्यूरेटिक होने के कारण यह मेटाबॉलिज्म ठीक करता है और पेट के टॉक्सिन हटाता है।

मेटाबॉलिज्म तेज होने के कारण शरीर में कैलोरी लॉस तेजी से होता है और वजन पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है।

गुलाब के फूल के लाभ:

गुलाब के फूल की पंखुड़ियां खाने से मसूढ़े और दांत मजबूत होते हैं, मुंह की बदबू दूर होती है और पायरिया रोग से भी निजात मिल जाती है।

गुलाब से बने गुलकंद में गुलाब का अर्क होता है, जो शरीर को ठंडक पहुंचाता है। यह शरीर को डीहाइड्रेशन से बचाता है और तरोताजा रखता है। यह पेट को भी ठंडक पहुंचाता है। गुलकंद स्फूर्ति देने वाला एक शीतल टॉनिक है, जो थकान, आलस्य, मांसपेशियों के दर्द और जलन आदि समस्याओं को दूर करता है।

गुलकंद रोज खाने से हड्डियां मजबूत हो जाती हैं। रोजाना एक गुलाब खाने से टी.बी. के रोगी को बहुत जल्दी आराम मिलता है।

नींद न आती हो या तनाव रहता हो, तो सिर के पास गुलाब रखकर सोएं, अनिद्रा की समस्या दूर हो जाएगी।

स्वास्थ्य हेतु इस तरह करें प्रयोग:-

कान में दर्द होने पर गुलाब की पत्तियों के रस की थोड़ी बूंदें कान में डालने से राहत मिलती है।

गुलाब के अर्क में नींबू का रस मिलाकर दाद पर लगाने से दाद ठीक हो जाता है।

जी मिचलाना, गले में जलन, सीने में जलन जैसे रोगों को दूर करने के लिए 1 कप गुलाबजल, एक चौथाई कप संतरे का रस और चौथाई कप चूने का पानी को मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करें, आपको इन रोगों से निजात मिल जाएगा।

शरीर में जलन हो या हाथ-पैरों में जलन होने पर गुलाबजल को चंदन में मिलाकर इसका लेप लगाएं।

खाना खाने के बाद गुलकंद खाने से हाजमा ठीक रहता है।

चंदन के तेल में गुलाब के अर्क को मिलाकर मालिश करने से शीत पित्त में फायदा मिलता है।

सफेद चंदन पाउडर में कपूर और गुलाब जल को मिलाकर माथे पर लगाने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।

मुंह के छालों से निजात पाने के लिए सुबह-सुबह गुलकंद का सेवन करें।

टीबी की बीमारी से होने वाली कमजोरी को दूर करने के लिए गुलकंद का नियमित सेवन करने से कमजोरी ठीक हो जाती है।

माइग्रेन के दर्द में 12 ग्राम गुलाबजल में 1 ग्राम असली नौसादर को अच्छे से मिला लें और इसकी चार-पांच बूंदें नाक के अंदर खीचें। ऐसा करने से माइग्रेन का दर्द ठीक हो जाता है।

सौंदर्य के रूप में गुलाब का प्रयोग:-

गुलाब की सीरत को भला कौन नही जानता। यह लगभग हर घर में देखा जा सकता है। गुलाब का फूल हो या इसकी मनमोहक खुशबू इन्हें देखते ही हमारे तन मन को ताजगी मिलती है। फूलों के राजा के रूप में जाने जाना बाले गुलाब के फूल में कई जड़ी बूटी के गुण छुपे हुए है, जो हमारे जीवन के लिए बहुत उपयोगी हैं।

इसका रस हो या इसकी पखुडियां इनका लगातार उपयोग करते रहने से हमारे शरीर की रक्त वाहिनियों के साथ-साथ त्वचा के लिए भी यह बहुत फायदेमंद साबित हुई है। इसकी उपयोगिता हमें गुलाब जल, गुलाब के फूल और तेल से मिलती हैं।

आँखों की देखभाल:

आँखों में गुलाब जल की दो बूंद डालने से आँखों में नई चमक आती है, और वह स्वस्थ लगती हैं। यदि आप कंप्यूटर के सामने लगातार काम कर रहे हैं, तो गुलाब जल आपका अच्छा हमदर्द साबित हो सकता है।
– आरती रानी