आॅफिस में ऐसा हो आपका व्यवहार

आज के तेज रफ्तार युग में सभी लोग काम से जुड़े हुए हैं। काम अकेले तो होता नहीं, मिलकर होता है। जहां एक से ज्यादा लोग मिलकर काम करेंगे तो सभी का नेचर जरूरी नहीं है कि एक-सा हो या काम करने का तरीका एक हो। विभिन्न नेचर वाले लोगों के साथ मिलकर काम तो करना ही है। ऐसे में संतुलित रहने का फार्मूला सबसे अधिक अच्छा रहता है।

कभी कभी किसी का बिहेवियर ऐसा होता है कि हर कोई उससे दूर भागता है, वहीं किसी का नेचर ऐसा भी होता है कि सभी उससे बात करना उसके साथ उठना बैठना पसन्द करते हैं। यू एस में हुई स्टडी (खोज) के अनुसार आजकल दफ्तरों का माहौल ऐसा हो गया है कि लोग छोटी-छोटी बातों पर भी गलत बिहेव करने लगते हैं, जिसका सामना बाकी आफिस वालों को भी करना पड़ता है।

ऐसे में उन्होंने सुझाव दिया है कि उन लोगों से कोई पंगा नहीं लेना चाहिए और प्राइवेट मीटिंग करके उन्हें प्यार से समझाना चाहिए कि आफिस में ऐसा बिहेवियर ठीक नहीं होता। हो सकता है कि उसके बर्ताव में सुधार आ जाए।

आफिस में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए जानिए कुछ टिप्स –

• कोई कलीग आपसे गलत तरीके से बात करता है तो बदले में उसे गुस्से से जवाब न दें, समस्या सुलझने के बजाए बढ़ सकती है।

• कलीग की पॉजिटिव साइड देखें। हमेशा उसे गलत न समझें। कभी कभी गलतियां नजर अंदाज करने से उसका बिहेवियर आपके प्रति अच्छा हो सकता है। बात अधिक बढ़ जाए तो ऐसे में बात प्यार से स्पष्ट कर देना ही अच्छा होता है।

• आपको अपने कलीग की जो बात पसन्द न हो, उसे उसी वक्त स्पष्ट कर दें।

• कुछ लोग आफिस में हमेशा देर से आते हैं, उन्हें डांटने से अच्छा है देर से आने का कारण पूछें।

• लगातार किसी स्टाफ मेंबर का बिहेवियर आपके प्रति गलत हो तो अन्य को-वर्कर्स से बात कर समस्या का समाधान करें।

• अच्छा बिहेवियर हमेशा आगे बढ़ने में मदद करता है, इस बात का ध्यान रख कर अपने कलीग्स और सीनियर्स के साथ अच्छा बिहेव करें और उनकी इज्जत करें।

• आफिस में अधिक न बोलें। कम बोलकर कम से कम शब्दों में अपनी बात को समझाएं।

• कभी कभी किसी मुद्दे पर डिस्कशन लंबी हो जाए और कोई सही समाधान न निकले तो ऐसे में किसी तीसरे समझदार व्यक्ति की मदद लें ताकि समस्या का समाधान हो सके।

• किसी वजह से किसी के साथ कुछ मन मुटाव हो जाए तो बात को भूल जाएं, उसे दोहराएं नहीं। कुछ ही दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। यदि बार बार दोहराएंगे तो दोनों के बीच तनाव बढ़ेगा, कम नहीं होगा।

• कभी आपको महसूस हो कि कहीं आपकी भी गलती है तो माफी मांगने में संकोच न करें। यदि गलती सामने वाले की हो तो अपने सीनियर से बात करें और अपनी बात भी उन्हें बताएं ताकि पीठ पीछे कोई आप पर उंगली न उठा सकें।

यह जरूरी है कि आफिस में आपका बिहेवियर संतुलित और अच्छा होगा तो वो आपको बाकी लोगों से बांध कर रखेगा। बुरा, असंतुलित बिहेवियर आपको अपने साथियों से दूर रखेगा।

इस बात को समझ लेने में ही भलाई है। (उर्वशी)
– सुनीता गाबा