ऐसे मनायें रूठी सासू मां को :

कुछ रिश्ते इतने नमकीन होते हैं कि उनमें कुछ न कुछ नोंक-झोंक व रूठना मनाना चलता ही रहता है। सास बहू के रिश्ते में एक ही घर में, एक ही रसोई में साथ-साथ इतने घंटे बिताने पर कुछ न कुछ तो अनजाने में ही ऐसा हो जाता है कि कभी सास नाराज तो कभी बहू नाराज।

वैसे तो अब रिश्तों की परिभाषा कुछ-कुछ बदल गई है पर कभी-कभी दूसरे की कोई बात इतनी चुभ जाती है या बुरी लगती है कि मन खिन्न हो जाता है। यदि ऐसे में दूसरा अपनी गलती मान ले तो रिश्तों में आई कड़वाहट उतनी ही जल्दी दूर भी हो जाती है।

अलका कहती हैं कि सास-बहू में लड़ाई झगड़ा न हो तो मजा ही नहीं। मेरे और मेरी सास में खूब झगड़ा होता है परन्तु मैं उन्हें मना लेती हूं, यह कहकर कि मम्मी जी, हम दो बर्तन हैं, साथ रहेंगे तो टकराएंगे भी। क्योंकि आप इस घर की मालकिन हैं, आपको मुझे पूरे अधिकार देने अच्छे नहीं लगते पर मैं भी घर का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा हूं, भला अपने अधिकारों का कैसे हनन होने दूं! मैं उन्हें मनाती हूं तो वे बहुत खुश हो जाती हैं और स्वयं को मुझसे ऊंचा महसूस करती हैं।

आप भी अपनी रूठी हुई सास को मनाना चाहती हैं तो सीखिए अलका मल्होत्रा के गुर।

■ सास अगर चाय की शौकीन हैं तो दो कप बढ़िया सी चाय बनाएं। सुंदर मगों में चाय प्यार से पेश करें और साथ बैठकर पीएं। जब बात शुरू हो जाए तो गलती होने की माफी मांग लें।

■ बहू यदि अपनी किसी हरकत से सास को नाराज करे तो ऐसे में उनके पुत्र यानी अपने पति को कुछ समय उनके साथ बिताने के लिए भेजें जिससे वे अपने मन का गुबार निकाल कर हल्का महसूस करेंगी और स्वयं मान जाएंगी।

■ नाराज सास की पसंद का खाना बनाएं और प्यार से खाना पेश करें।

■ कभी-कभी सास को उनकी पसंद की चीजें भेंट में देते रहें, ताकि गुस्सा अधिक बढ़ने न पाए।

■ वैसे सास जब नाराज हों, ऐसे में आप बच्चों की मदद लेकर भी उनको मना सकती हैं और बोझिल वातावरण को हलका बना सकती हैं।

■ रूठी सास के साथ कुछ समय अकेले में बिताएं ताकि उससे नाराजगी का कारण जान सकें और उसे पुन: न दोहराने का आश्वासन दें।

■ विनम्र भाव से सीधे माफी मांग कर भी सास को मनाया जा सकता है, ऐसा करने से सास का मन खुश हो जाएगा और वे आपको गले लगा लेंगी।

■ अगर बात काफी बढ़ गई हो और मनाने पर भी बात न सुलझे तो उन्हें कुछ समय के लिए शांत छोड़ दें, धीरे-धीरे सब नार्मल हो जाएगा।

■ सास की रूचियों की कद्र करें और उन्हें पूरा सम्मान दें, क्योंकि उनकी बदौलत ही आप इस घर में आई हैं। उनकी छोटी मोटी कमियों को उजागर न करें और न ही बार-बार सुना कर उनको क्रोधित करें।

यदि आप उनके दु:ख-सुख में उनके साथ हैं और उनकी रूचियों का ध्यान रखती हैं तो कोई भी सास अधिक देर तक नाराज नहीं रह पायगी।
– गोपाल राय