चांदी के सिक्के खरीदने के पहले :

मौसम त्योहारों का है।
अत: खरीदारी करना लाजिमी है। क्या खरीदें क्या न खरीदें, इसी उलझन में समय निकलता जा रहा है। फिर भी आप तय नहीं कर पातीं कि क्या खरीदा जाए। आपकी उलझन यह भी होगी कि कुछ ऐसा खरीदा जाए जिसे इस्तेमाल भी करें और जरूरत पड़ने पर उसे कैश भी करा सकें। क्योंकि यह सीजन धन-लक्ष्मी का है।

अत: ज्यादातर महिलाएं सोचती हैं कि क्यों न सोना ही खरीदा जाए! अच्छी बात है, पर सोने की बढ़ती कीमत ने आम बजट वाली महिलाओं के सामने प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है! ऐसे में आपके लिए बेहतर होगा चांदी खरीदना। हालांकि अभी भी लोगों की धारणा है कि चांदी निवेश के लिए उतना बेहतर नहीं है, जितना सोना। यह मिथक मात्र है। वर्तमान में निवेश के लिए चांदी से बेहतर कोई और माध्यम महीं है, खासकर सामान्य बजट वालों के लिए।

अत: इस बार धन-लक्ष्मी के रूप में खरीदिए ढेर सारी चांदी, ताकि आपकी रहे ‘चांदी ही चांदी’।
आपको पैसे की पूरी कीमत मिले और आप शुद्ध चांदी घर ले आएं, इसके लिए काफी सावधानी की जरूरत है। सौ फीसदी शुद्ध होने पर रिसाइकलिंग या दोबारा बेचने पर सौ फीसदी राशि की प्राप्ति हो सकेगी। चांदी खरीदते समय कुछ सावधानियां जरूर बरतें।

चांदी के सिक्कों में सौ पर्सेंट की शुद्धता होती है। इसकी शुद्धता का प्रमाण होता है। कई लोगों को शायद यह बात पता नहीं होती कि असली चांदी में भी हॉलमार्क का निशान रहना चाहिए, जो शुद्धता और गुणवत्ता का प्रतीक है। हॉलमार्क का निशान, एमएमटीसी का प्रमाण पत्र या बैंकों द्वारा जारी की गई शुद्धता की गारंटी जरूर देखें। चांदी के सिक्के खरीदने से पहले इसकी शुद्धता पक्का कर लें। जब आप चांदी की खरीदारी कर रही हों तो इस बात को सुनिश्चित करें कि दुकानदार के पास 10 गुना आवर्धन या मैग्रीफाइंग ग्लास जरूर हो। खरीदारी से पहले तय कर लें कि चांदी में हॉलमार्क की सारी खूबियां मौजूद हैं।

सबसे पहले यह देखें की बीआईएस का निशान लगा हुआ है या नहीं। गुणवत्ता और शुद्धता की जांच जरूर कर लें। मिसाल के तौर पर फाइन सिल्वर 999.9 999.5 या 999 ग्रेड का होता है। जबकि नकली में यह 970, 925,900,835 या 800 मार्किंग्स का होता है।

यहां यह महत्वपूर्ण सवाल है कि सिल्वर ग्रेडिंग होती क्या है? शुद्ध चांदी 999.9 होती है। सामान्य तौर पर स्टर्लिंग सिल्वर या 925 ग्रेड सिल्वर, जो 1,000 शुद्ध चांदी का 925 भाग रखता है, को बेहतर माना जाता है। इसे इतनी आसानी से नुकसान नहीं पहुंचता। खरीदारी के समय यह याद रखना बेहद जरूरी है कि एक ग्रेड के अंतर से चांदी दो से तीन गुनी महंगी हो जाती है। आम तौर पर सिक्के 5,10,20 और 100 ग्राम के होते हैं। सर्वाधिक डिमांड 10 ग्राम के सिक्कों की होती है। सिक्के चांदी के मार्केट प्राइस के आधार पर निर्धारित होते हैं। बस उनके साथ लेबर चार्ज जोड़ दिया जाता है। ध्यान रखें कि कोई आपसे मार्केट प्राइस से ज्यादा की वसूली न कर पाए।

खामी ऐसे जांचिए-

अगर सिक्के में कोई खामी होगी तो इसका पता आसानी से लगाया जा सकता है। सिक्के का किनारा तेज और नियमित होना चाहिए। चांदी के सिक्के की पूरी गंभीरता से परख होनी चाहिए। इसके लिए चांदी के सिक्के को दो सिक्कों के बीच में रखें और देखें की यह बराबर बैठता है या नहीं। कुछ चांदी के सिक्के काफी महंगे होते हैं! उदाहरण के लिए सन् 1936 में बने 50 पैसे के चांदी के सिक्के की कीमत काफी ज्यादा होती है। चांदी की खरीदारी आॅनलाइन भी की जा सकती है। कोई भी चांदी का सिक्का ऐसा लगता है कि मानो इसे तुरंत पॉलिश किया गया हो। लेकिन जब तक विक्रेता या पॉलिशिंग की बात स्पष्ट नहीं करता है, तब तक इसे मत खरीदें।

खरीदारी पर कुछ छूट भी मिल सकती है। उदाहरण के लिए एमएमटीसी सिल्वर मेडेलिअन्स पर 2 फीसदी जबकि सिल्वरवेयर पर 10 फीसदी की छूट देती है। इसके अलावा चांदी के सिक्के की खरीदारी के और भी उपाय हैं। मासिक किस्त के जरिए भी खरीदारी की जा सकती है। कभी कभी किसी चांदी के सिक्के की कीमतों को शुरूआत में कम कर मासिक किस्त पर खरीदारी के आॅफर दिए जाते हैं। चांदी के सिक्के आप मशहूर दुकानों, बैंक और सरकारी संस्थानों से खरीद सकते हैं। इनसे खरीदने में फायदा यह होगा कि दाम तर्कसंगत होंगे और कुछ गड़बड़ी होने पर चांदी के सिक्कों को लौटाया जा सकता है।

एक खास बात यह है कि बैंकों और दुकानों के बीच चांदी के सिक्कों की कीमतों में फर्क होता है। यह फर्क बैंक की नीतियों पर निर्भर करती है। बैंक अपनी लागत मूल्य को जोड़कर सिक्के बेचते हैं इसलिए बैंकों से चांदी के सिक्के खरीदते समय कन्फ्यूज्ड होने की जरूरत नहीं है। त्योहारी सीजन में चांदी के सिक्कों की कीमतों में बैंक कभी कभी ज्यादा कर देते हैं, इसलिए कीमतों पर नजर रखें।

जानकारों के अनुसार, चांदी के सिक्के खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप जिससे यह खरीद रहे हैं, उनकी मार्केट में कितनी विश्वसनीयता है। कई बार लोग कम दामों के चक्कर में कम शुद्धता वाले चांदी के सिक्के खरीद लेते हैं। जब आप पैसे देकर कोई चीज खरीद रहे हैं, तो उम्दा जगह से उम्दा सामान खरीदने की कोशिश करें।
– कुमारी विद्योत्तमा रानी