पालतू जानवर देखभाल व सावधानियां

प्रत्येक मनुष्य कोई न कोई खास शौक रखता है, जैसे- कोई डाक टिकट एकत्रित करता है तो कोई विभिन्न प्रकार के सिक्कों को एकत्रित करने में दिलचस्पी रखता है। ऐसे ही और भी अनेक शौक हैं, परन्तु इन सब में कोई लोकप्रिय शौक है तो वह है अनेक प्रकार के जानवरों को पालने का! कुत्ता, बिल्ली या विभिन्न प्रकार के पक्षी या फिर रंगबिरंगी मछलियां पालना।

प्राय: अधिकतर लोगों में कुत्ते-बिल्ली को पालने का शौक बहुत अधिक देखा गया है क्योंकि कुत्ता न केवल आपके घर की पहरेदारी करने के काम में आता है, बल्कि यह अन्य सभी जानवरों में से सबसे ज्यादा वफादार व समझदार जानवर है।

आप किसी भी जानवर को पालें, परन्तु उसकी देखभाल करना जितना उसके लिए आवश्यक है, उससे अधिक आवश्यक आपके और आपके परिवार के लिए भी है!

क्योंकि जानवरों से विभिन्न प्रकार के रोग फैलने का भय रहता है और इनसे फैली गंदगी की सफाई संबंधी बातों को भी ध्यान में रखना बहुत जरूरी है।

• यदि आपने जानवर पाले हैं तो उनको एक निश्चित स्थान पर रखें, ताकि वे समूचे घर में गंदगी न फैला सकें।

• उन के खाने-पीने के बरतन, ओढ़ने, बिछाने के कपड़े आदि सभी वस्तुएं अपनी वस्तुओं से अलग रखे।

• जिस स्थान पर आपके जानवर रहते हों, वहां पर प्रत्येक दिन सफाई करें और सप्ताह में चार बार किसी अच्छे कीटनाशक से पोंछा भी जरूर लगायें।

• कुत्ते बिल्ली आदि जानवरों के बाल काफी झड़ते हैं, इसलिए उनके बालों को घर पर इधर-उधर बिखरने न दें। बाल आपके खाने-पीने की वस्तु में जा सकते हैं, जिससे आप भयंकर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

• जानवरों को समय-समय पर नहलाते रहना चाहिये।

• कुछ व्यक्तियों को जानवरों के बालों से बेहद एलर्जी रहती है, इसलिए जहां तक हो सके, घर को साफ रखें।

• यदि आप अपने कुत्ते को खुला छोड़ते हैं तो वह आपके सोफे, टेबल, पलंग, गद्दे, दरी, किचन आदि में गंदगी फैला सकता है इसलिए जहां तक हो सके, उन्हें बांधकर ही रखें। खुला छोड़ने पर वह खाने-पीने की वस्तुओं में मुंह डाल सकता है।

• बहुत से लोग जब कुत्ता पालते हैं तो वे उसे 24 घंटे अपनी गोद में लिए घूमते हैं और रात को अपने साथ अपने बिस्तर में ही सुला लेते हैं।

जानवरों से प्यार तो करना चाहिए, परन्तु इतना भी नहीं कि आपकी यह आदत आपके लिए कोई बड़ी परेशानी खड़ी कर दे।

• जानवरों के मल मूत्र का एक समय निश्चित करें ताकि वे घर के अंदर गंदगी न फैलायें। उनमें निश्चित समय पर घुमाने की आदत बनायें। वैसे भी कुत्तों में स्वयं ही यह आदत बनी होती है। यदि किसी कारण आपके पास समय न हो तो उन्हें खोल दें, वे स्वयं ही चले जायेंगे।

• जिस प्रकार मनुष्य अचानक से रोगों से घिर जाता है उसी प्रकार जानवर भी स्वत: ही रोगों की चपेट में आ सकते हैं इसलिए जानवर के बीमार होने पर स्वयं उसका डॉक्टर बनने का प्रयास बिल्कुल न करें। ऐसे में उन्हें तुरन्त पशु चिकित्सक के पास ले जायें।

आप जानवर कोई भी पालें, लेकिन उसकी साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसी में आपकी व आपके परिवार की सुरक्षा निहित है।  – सीमा रानी