दिसम्बर माह पवित्रता व सेवा को समर्पित : सम्पादकीय   सेवा-भावना की मिलती है नई मिसाल
जरूरतमंद को कपड़ा, आश्रय, भूखे को भोजन, बेसहारों को सहारा, विद्यादान, अंगदान, खूनदान आदि इन्सानियत, नेकी भलाई के पवित्र कार्यों की पूज्य सतगुरु दाता रहबर ने ऐसी मशाल जलाई है कि उनके इस अपार रहमो-करम से आज हर कोई लाभवंत हो रहा है।

रूहानियत के सच्चे रहबर दाता पूज्य परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने सम्पूर्ण मानव जगत, पूरी कायनात जीव सृष्टि को इन्सानियत नेकी भलाई व सच्चाई का प्रैक्टीकली ज्ञान कराया है। उनके ही नूरे जलाल से सृष्टि का कण-कण रोशन है। खुदा की खुदाई जिनके ईशारों पर कार्यरत है, जिनके हुक्म में दोनों जहां बंधे हंै, पृथ्वी आकाश, पाताल दसों दिशाएं और सभी खण्ड ब्रह्मण्ड जिनके सहारे गतिशील हैं और जिनके नूर से जर्रा-जर्रा महक रहा है, ऐसे प्यारे दाता, सच्चे रहबर परम पिता शाह सतनाम जी के गुण न लिखे जा सकते हैं, न पूर्ण रूप से आज तक कोई गा सका है।

सम्पूर्ण स्वयं प्रकृति भी अपने सच्चे रहबर के गुणगान गाने में असमर्थ है। पूरी धरती को कागज, पृथ्वी की सारी वनस्पति की कलमें, सारे पर्वतों को रगड़ कर सारे समुद्रों के पानी में घोलकर स्याही बना ली जाए और लिखारी पवन (वायु) हो, कागज, स्याही आदि सामग्री सब खत्म हो सकती है, लिखारी भी थक सकता है, पर सच्चे रहबर शाह सतनाम जी दाता कुल मालिक के परोपकारों, उनके अपार गुणों को पूरी तरह न लिखा जा सकता है, न गाया जा सकता है।

पूज्य सतगुरु परम पिता शाह सतनाम जी महाराज का रहमो करम अवर्णिय है। सच्चे दाता रहबर द्वारा दर्शाए मानवता भलाई कार्यों में पूजनीय मौजूदा गुरु जी संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पवित्र मार्ग दर्शन में डेरा सच्चा सौदा, साध-संगत दिन रात जुटे हुए हैं।

जीते-जी गुर्दादान, खूनदान, मरणोपरांत आंखेंदान, शरीरदान, अन्नदान, वस्त्रदान, विद्यादान यानि क्या-क्या कोई गिने। मानवता भलाई के सभी 127 कार्य और चाहे ऐसे कार्यों की संख्या बढ़ती हुई कितनी भी हो, डेरा सच्चा सौदा की छ: करोड़ साध-संगत इन कार्यों को पूरी तन्मयता व दिलो-जान से अंजाम देते हुए सतगुरु की खुशियां हासिल करते हैं।
13-14-15 दिसम्बर का दिन पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी सच्चे रहबर की याद में मनाया जाता है।

ये दिन पवित्रता का प्रतीक और सेवा को समर्पित है, इस दिन स्वयं डेरा सच्चा सौदा के पूजनीय मौजूदा गुरु जी संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के मार्ग दर्शन में यहां के शाह सतनाम जी स्पैशलिटी हॉस्पिटल्ज में ‘याद-ए-मुर्शिद शाह सतनाम जी फ्री आई कैंप’ के नाम से आंखों का विशाल कैम्प लगाया जाता है जिसमें हजारों लोगों की नेत्र संबंधी विभिन्न बिमारियों का फ्री चैकअप किया जाता है, हजारों के मुफ्त लैंस डाले जाते हैं, मुफ्त आॅप्रेशन करके उन्हें नई ज्योति प्रदान की जाती है।

और इस प्रकार सेवादार (साध-संगत) पूज्य गुरु जी के हुक्मानुसार सेवा के इस महाकुंभ में निस्वार्थ सेवा कार्य करके मालिक की अपार रहमतों को हासिल कर अपनी रूह, आत्मा को पवित्रता, खुशियों व स्वस्थ्यता से महकाते हैं। उत्तम भाग्य वालों के हिस्से में आती है ये उत्तम सेवा।