■  गाय का घी न केवल कैंसर को पैदा होने से रोकता है, बल्कि इस बीमारी के फैलने को भी आश्चर्यजक ढंग से रोकता है।

■ गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है। ये दुनिया की सारी दवाइयों से तेज असर दिखाता है।

■ नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाता है।

■ गाय का घी नाक में डालने से मानसिक शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है।

■ गर्भवती महिला को गौ मां का घी अवश्य खाना चाहिए, इससे गर्भ में पल रहा शिशु बलवान, पुष्ट और बुद्धिमान होता है।

■ दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह-शाम डालने से माइग्रेन-दर्द ठीक होता है।

■ जिस व्यक्ति को बहुत हार्ट ब्लोकेज की तकलीफ है और चिकनाई खाने की मनाही है, तो गाय का घी खाएं, हार्ट ब्लोकेज दूर होता है।

■ देसी घी के प्रयोग से नाक से पानी बहना, नाक की हड्डी बढ़ना तथा खर्राटे बंद हो जाते हैं।

■ सर्दी-जुकाम होने पर गाय का घी थोड़ा गर्म कर 2-2 बूंद दोनों और नाक में डालकर सोएं। लाभ होगा।

■ हाथ-पांव में जलन होने पर गाय के घी को तलवों में मालिश करें, जलन ठीक होगी।

■ गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है।

■ गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है।

■ मासिक स्त्राव में किसी भी तरह की गड़बड़ी में 250 ग्राम गर्म पानी में, घी पिघला हुआ हो तो 3 चम्मच, जमा हुआ हो तो एक चम्मच डालकर पीने से लाभ होगा। यह पानी मासिक स्त्राव वाले दिनों के दौरान पीना है। पूरा रोग ठीक हो जाएगा। यह रामबाण और अचूक औषध है।

■ सांप के काटने पर 100-150 ग्राम घी पिलाएं और ऊपर से जितना गुनगुना पानी पिला सकें, पिलाएं। इससे उलटी और दस्त तो लगेंगे, लेकिन सांप का विष कम हो जाएगा।

■ गाय के घी के सेवन से कोलस्ट्रॉल नहीं बढ़ता। वजन भी नहीं बढ़ता, बल्कि वजन को संतुलित करता है। यानि कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है और मोटे व्यक्ति का मोटापा कम होता है।

■ एक चम्मच गाय के शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाट कर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आंखों की रौशनी बढ़ती है।

– मिट्ठन लाल इन्सां, सतबीर