कैसा हो निमंत्रण पत्र :

पार्टी चाहे छोटी हो या बड़ी, उसके निमंत्रण-पत्र की अहमियत बहुत अधिक होती है।

निमंत्रण-पत्र पार्टी का एक दर्पण होता है। उसकी खूबसूरती से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है उसका मजमून। निमंत्रण कला है और निमंत्रित करना एक अच्छा कार्य, जिसमें मर्यादित निष्ठा से अपनों, परायों, परिचितों, प्रियजनों, सगे-संबंधियों, नाते रिश्तेदारों, सहकर्मियों, उच्च अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों को सादर, विनम्रतापूर्वक, विनीत भाव से अपने यहां पधारने के लिए निमंत्रित किया जाता है। आने वाले अपनी उपस्थिति, पद-प्रतिष्ठा, रिश्तों की प्रगाढ़ता से गरिमा प्रदान कर आपको कृतार्थ करते हैं और आपकी सुरुचि, शऊर, प्यार, आत्मीयता एवं दबदबे के भी कायल होते हैं। सवाल यह है कि इतने सारे दायित्व को अकेला निमंत्रण-पत्र भला किस तरह निभा पाएगा।

मानव प्रकृति एवं प्रवृत्ति से आत्मसम्मान को वरीयता देता है। छोटा हो या बड़ा किसी का भी निमंत्रण-पत्र मनमुताबिक न पाने पर उसके अहं को, आत्मसम्मान को चोट पहुंचती है। रिश्तों में दरार आ जाती है। निमंत्रण-पत्र कैसा हो, किसे दिया जाए, किस तरह से दिया जाए, कब दिया जाए और कहां दिया जाए जैसे विषयों पर यदि अग्रिम रूप से सोच लिया जाए तो निमंत्रित करने व निमंत्रित होने का आनन्द दोगुना हो जाता है।

बहरहाल आप पार्टी का निमंत्रण देते वक्त अति अनौपचारिक रिश्तों के बावजूद यह कहना न भूलें- ‘अरे भाई समय पर आना, देर मत करना अपनी आदत के अनुसार और आना भी जरूर, जरा मिल बैठेंगे।’

निमंत्रण-पत्र कैसा हो? इसके लिय आप पार्टी का निमंत्रण देते समय यह ध्यान रखें कि निमंत्रण-पत्र का रूप कैसा हो। इसके लिये आप की रुचि निर्णायक होगी मगर ध्यान रहे, निमंत्रण-पत्र आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का वह पारदर्शी दर्पण होता है, जिसमें झांककर सबकुछ दिखाई पड़ जाता है।

आजकल रईस घरानों में सभी रीति-रिवाजों से संबंधित कई छोटे-बड़े आयोजनों में उपस्थित होने के लिए एक ही बड़े निमंत्रण-पत्र के साथ कार्ड रखने का चलन है। ये आयोजन कई बार तो शादी ब्याह में 17 दिन पहले से शुरू हो जाते हैं।
निमंत्रण-पत्र सादे, बढ़िया आर्ट पेपर पर हाथ से मनुहारी, सफेद या किसी अन्य फबते रंग की स्याही में लिखा हुआ भी हो सकता है, जो आपकी कलात्मक सूझबूझ के साथ, समारोह के अनुरूप और आमंत्रित व्यक्ति के प्रति आपके असीम प्रेम का परिचायक होगा।

बाजार में बने बनाए, छपे-छपाए निमंत्रण-पत्र भी उपलब्ध हैं, जो बच्चों की पार्टी जैसे जन्मदिन, मंगनी की रस्म या किसी भी औपचारिक आयोजन के लिए उपयुक्त होते हैं।

निमंत्रण-पत्र किसे दिया जाए इसके लिए आप अपनी डायरी के अनुसार सूची बनाइये, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों, रिश्तेदारों, घनिष्ठ मित्रों, पड़ोसियों, सहकर्मियों आदि के नाम शामिल हों। इसे तैयार करते समय अवसर, आयोजन, प्रयोजन, स्थान, व्यवस्था, बजट आदि का ध्यान रखें। शहर से बाहर, दूर रहने वालों को अपनी और उनकी सुविधा के अनुसार समय पर निमंत्रण-पत्र भेजें या सूचित करें, ताकि आने वालों को आपके आयोजन में पहुंचने के लिए रेल या बस में आरक्षण, छुट्टी आदि का प्रबंध करवाना हो तो समय पर करवा सकें और हां, निमंत्रण -पत्र के अलावा यदि आमंत्रित व्यक्ति के नाम एक पत्र रख दें तो आपके मेहमान को अपनी अहमियत का, आपके आयोजन में उसकी उपस्थिति की जरूरत का अहसास हो जाएगा।

यदि निमंत्रित व्यक्ति शहर से दूर या बाहर हो तो आयोजन के एकाध दिन पहले टेलीफोन पर उन्हें पुन: सूचित कर याद दिलाकर यह सुनिश्चित कर लें कि वे कब पहुंच रहे हैं।, ताकि उनके लिए और भी कोई प्रबंध करना हो तो किया जा सके।
यदि उसी शहर में कुछ गिने-चुने व्यक्तियों को आमंत्रित करना हो तो स्वयं भी कार्ड लेकर उनके यहां जा सकते हैं।

जाते समय मिठाई का डिब्बा भी ले लाएं तो आपका दूसरा चक्कर और समारोह के दिन की परेशानी भी कम हो जाएगी। समय का अभाव हो तो किसी भी संदेशवाहक की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही उन्हें टेलीफोन द्वारा भी सूचित कर सकते हैं। यह सब आपके संबंधों की घनिष्ठता पर निर्भर करता है।

आजकल बड़े शहरों में कुछ कंपनियां कार्ड बंटवाने का धंधा स्मार्ट लड़कियों द्वारा करवाने में लगी हैं। आप चाहें तो उनकी सेवाएं ले सकते हैं। याद रहे, यदि आप स्वयं जा रहे हैं तो पत्नी को साथ लेकर जाएं।

निमंत्रण-पत्र बांटने के लिए जब सूची बन रही हो तो अपने नन्हें-मुन्नों को, उनके दोस्तों को मत भूलिएगा। इससे उसके आत्मसम्मान को बल मिलेगा और वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

यदि बच्चे किसी पार्टी में नहीं आने हैं तो अपने मेहमान को कार्ड पर लिखकर पहले से ही सूचित करें वरना आप उलझन में फंस जाएंगे। घर के बड़े-बूढ़ों के बारे में भी यह बात लागू होती है।

यदि पार्टी में किसी विशेष परिधान या पोशाक में आना हो तो निमंत्रण-पत्र में ही उसका उल्लेख कर दें। इसी तरह यदि उसमें किसी प्रकार की प्रतियोगिता या पुरस्कार देने का कार्यक्रम हो तो कार्ड में जिक्र करना न भूलें। याद रहे पार्टी मौज-मस्ती मजे के लिए है। बदमजगी के लिए नहीं।

अनचाहे या काम बिगाड़ू लोगों को भले ही कोई आमंत्रित न करे, फिर भी वे हर पार्टी में किसी न किसी तरह से खी-खी करते पहुंच जाते हैं, इसीलिए विश्वसनीय लोगों के माध्यम से ही कार्ड बंटवाएं।

किसे निमंत्रित किया जाए और किसे नहीं, यह फैसला करना आपका अधिकार है और यही सर्वमान्य है।
– मनोज पड़िहार ‘भारत’