दूसरों से अलग होते हैं कॉन्फिडेंट लोग :

कॉन्फिडेंट लोग दूसरे लोगों से काफी अलग होते हैं। उनके बात करने और काम करने के तरीके से ये झलक जाता है कि वो क्यों दूसरों से अलग हैं। वैसे आपने कई बार देखा होगा कि किसी काम को करने के लिए अलग-अलग तरह के लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। इनमें से कई तो काम को कर ही नहीं पाते, जबकि जिन लोगों का कॉन्फिडेंस लेवल इतना हाई होता है कि वे मुश्किल से मुश्किल काम को भी करने में नहीं हिचकिचाते। तो आईये, जानते हैं ऐसी कौन सी बाते हैं जो बताती हैं कि वो कॉंफिडेंट हैं:

खुद के लिए समय निकालना:

जो लोग आत्मविश्वास से परिपूर्ण होते हैं, वो खुद के लिए समय निकालने में माहिर होते हैं। ये टाइम सिर्फ उनका होता है, जिसमें वो खुद से ही बातें करते हैं, फेवरेट मूवी देखते हैं, वर्कआउट करते हैं और शांपिग करते हैं। वो जानते हैं कि खुद के लिए समय निकालना कितना जरुरी होता है और इसे किस तरह से मैनेज किया जाना चाहिए।

फैसले लेने के लिए आगे आना:

ऐसे लोग एकाएक फैसले लेने में माहिर होते हैं। हालांकि ये फैसले सही हों या गलत, ये आगे आने वाली बात होती है। जब बात जिम्मेदारी उठाने की आती है, तब चाहे वो घर में हो या आॅफिस में वो खुद को आगे रखते हैं। इसके अलावा वो फैसले को सही साबित करने की भी भरसक कोशिश करते हैं।

बात करने का तरीका:

समझदार और कॉन्फिडेंट लोग बात करते समय ये जानते हैं कि कौन-सा शब्द कहाँ और क्यों बोलना चाहिए। वो गंभीर विषयों पर बात करते समय काफी समझदारी दिखाते हैं और सोच-समझकर ही जवाब देते हैं। उनके मजाक करने का, अपने से बड़ों के साथ बात करने का, छोटों से बात करने का, घर में बतियाने का व आॅफिस में बॉडी लेंग्वेज यानि बोलचाल का लहजा अलग-अलग होता है। उन्हें पता होता है कि कहां पर किस तरह से बात करनी है और अपना प्रभाव जमाना है।

दूसरों को कॉपी नहीं करते:

चाहे वर्किंग स्टाइल हो या फैशन, कॉन्फिडेंट लोग दूसरों को कॉपी करने में विश्वास नहीं करते। वे वही करते हैं, जो उन्हें सूट करता है और उनके अनुसार सही होता है। उनके कपड़ों का स्टाइल उन्हीं की तरह एकदम अलग होता है। काम करने के तरीके में वो लगातार नया करते रहते हैं।

नया सीखने के लिए तत्पर रहना:

नई चीजे सीखने के लिए हमेशा तत्पर यानि उत्सुक रहते हैं। वो कभी भी ऐसे मौके को हाथ से नहीं जाने देते, जो उनकी तरक्की के रास्ते को खोल सकते हैं। वो डरते नहीं कि ये नया सीखने के लिए शायद उन्हें ज्यादा मेहनत करनी पड़े, या फिर ज्यादा समय लगे। वो इस बारे में सोच-समझकर निर्णय लेते हैं और उस पर अमल करते हैं।

दिल से कम और दिमाग से ज्यादा:

वो दूसरे लोगों की तुलना में कम भावुक होते हैं। हालाँकि ऐसा नहीं है कि वो भावुक नहीं होते, लेकिन इसके साथ ही स्वंय के मस्तिष्क पर भी उनका पूरा निंयत्रण होता है। वो दिल के साथ-साथ दिमाग का भी पूरा उपयोग करते हैं। वो फैसले लेने से पहले दिल और दिमाग दोनों से सोचते हैं।

दूसरों को सम्मान देना:

समझदार और कॉन्फिडेंट लोग दूसरों को सम्मान देना जानते हैं और बदले में खुद के लिए भी सम्मान चाहते हैं, फिर चाहे घर हो या आॅफिस। ऐसे लोग अपने से अनुभवी लोगों से लगातार सीखते रहते हैं, ये उनके माता-पिता भी हो सकते हैं या फिर आॅफिस के सीनियर भी।

– आरती रानी