हैंडबैग हो आपके स्टाइल के अनुरूप

चाहे स्कूल-गर्ल्स हों या आॅफिस जाने वाली महिलायें या फिर कामकाजी गृहिणी हैं, घर से निकलते समय वे बड़े से बड़ा सामान लेना भूल जाएं लेकिन वे बैग्स लेना कभी नहीं भूलती जो हर समय उनके साथ रहते हुए पर्सनेलिटी में चार चांद लगाते हैं। इसलिए जब आप डेस पहनकर किसी खास जगह, मसलन किसी मीटिंग, पार्टी या फिर शादी में जाने को तैयार हों, तो एक बार अपने हैंडबैग पर निगाह अवश्य डालें।

यह ध्यान रखें कि आपके हैंडबैग का रंग भी ठीक डेस से मिलता-जुलता ही हो, ताकि सब की नजरें आप पर आ टिकें। इसके लिए आप बाजार में मौजूद कपड़े, रेक्सिन, जूट, लैदर के अतिरिक्त प्लास्टिक की सुतली से बुने हुए बैग का बखूबी चयन कर सकती हैं, इन दिनों मार्केट में इसकी काफी मांग जोरों पर है।

इसके अतिरिक्त डेस से मैचिंग मनभावन हैंडबैग्स का इस्तेमाल करते समय कुछ विशेष बातों पर ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है जिससे आपकी पर्सनेलिटी और लुक पर काफी खास असर पड़ेगा। आइए जानते हैं उन खास टिप्स को:-

आवश्यकता के अनुसार चयन करें:-

देखा गया है कि प्राय: महिलायें सिर्फ हैंडबैग को सामान रखने के उद्देश्य के लिए ही प्रयोग करती हैं जबकि कुछ तो पर्स में इतना सामान भर देती हैं कि पर्स फटने को तैयार हो जाता है। इसलिए हैंडबैग्स इस्तेमाल करते समय सामान के अनुरूप ही अपने बैग का चयन करना फायदेमंद रहेगा वरना पर्सनेलिटी गिरने में जरा भी वक्त नहीं लगेगा।

इस प्रक्रि या के दौरान याद रखिए कि पर्स ज्यादा बड़ा भी न हो और न ही ज्यादा छोटा। बस, सामान रखने हेतु पर्याप्त हो। बड़े आकार के बैग जहां देखने में भद्दे लगते हैं वहीं सफर में परेशानी खड़ी कर देते हैं, जिससे समस्या उत्पन्न हो जाती है। सो, आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बैग्स का चयन करें।

रंगों का ध्यान रखें:-

यदि आपको मैचिंग कपड़े पहनने की आदत है तो मैचिंग पर्स और हैंडबैग के इस्तेमाल पर भी गौर करें। इसके लिए आप डेस के अनुसार रंगों का चयन बखूबी कर सकती हैं। अगर आपके पास मैचिंग पर्स उपलब्ध नहीं है तो व्यर्थ परेशान न हो, सफेद व काले रंग के पर्स लगभग सभी पोशाकों के साथ प्रयोग किए जा सकते हैं।

जगह के मुताबिक पर्स एवं हैंडबैग रखें:-

जिस तरह सफर में जाते वक्त कपड़ों को हिफाजत से रखते हैं, ठीक उसी प्रकार हैंडबैग को भी संभालना अत्यंत जरूरी है। यह तभी संभव होगा जब आप जगह के हिसाब से पर्स का चयन करेंगी। मान लें कि आप सफर के लिए एकदम तैयार होकर चल देते हैं तो ऐसे में छोटे पर्स को लेकर चलना दुखदायी साबित हो सकता है क्योंकि छोटे से बैग में आप जरूरत की शृंगार रूपी सभी सामग्री नहीं रख सकती हैं इसलिए यहां बड़े पर्स को प्राथमिकता देना ही उचित होगा।

स्थान के हिसाब से हैंडबैग बदलें:-

अक्सर युवतियां एक ही हैंडबैग को हर एक जगह पर लेकर जाती हैं जो सरासर गलत है। यदि आप कॉलेज गर्ल हैं तो जूट तथा कपड़े के कमर तक लटकने वाले हैंडबैग का चयन करें। आॅफिस जाने वाली महिलायें आधुनिक डिजाइनों से पूर्ण रेक्सिन या फिर चमड़े के हैंडबैग को काम में ले सकती हैं, जबकि टीचर्स या किसी अन्य प्रशासनिक क्षेत्र में जाने पर इन्हीं महिलाओं को सिम्पल सोबर डिजाइन के हैंडबैग एवं पर्स ज्यादा फबेंगे।

पर्सनेलिटी के अनुरूप हैंडबैग का प्रयोग करें:-

हैंडबैंग का चयन करते समय अपनी पर्सनेलिटी पर भी ध्यान देना नितांत आवश्यक है। छोटे कद की महिलाओं को मीडियम पर्स और हैंडबैग का ही चुनाव सावधानी पूर्वक करना चाहिए।

पर्स में बोतल आदि न रखें:-

याद रखें कि हैंडबैग आपके व्यक्तित्व का आइना है, इसमें बेकार की चीजों को रखना फूहड़ व्यक्तित्व को दर्शाता है। यहां तक कि जीवन की जरूरत हेतु अनिवार्य पानी की बोतल को भी अलग से आप किसी थैले में रखें, इससे आप बेहद शालीन एवं सुलझी हुई मालूम पड़ेंगी।

हिफाजत से रखें:-

हैंडबैग व पर्स को इस्तेमाल करने के उपरांत सुरक्षित स्थान पर रखना कदापि न भूलें। उसमें से सामान निकालने के बाद उसके स्थान पर कागज भर दें, ताकि उसके आकार खराब होने की समस्या से निजात पाया जा सके।

इस तरह आप हैंडबैग के द्वारा अपनी पर्सनेलिटी को बरकरार रखते हुए दूसरे लोगों पर अपनी एक खास अलग पहचान छोड़ सकती हैं जो मन ही मन एक सुखद आनंद की अनुभूति करायेगा।
– आरती रानी