अपने बच्चे के लिए चुनें बेस्ट स्कूल :

अप्रैल का महीना आ चुका है। कुछ बच्चे अपने-अपने एग्जाम देकर फ्री हो चुके हैं, तो कुछ बच्चे अपने एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं। वहीं सामान्यत: बोर्ड एग्जाम को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के एग्जाम हो गए हैं। कईयों का तो परिणाम भी घोषित हो चुका है। ऐसे में अभिभावक आगामी पढ़ाई के लिए बच्चों को अच्छे से अच्छे स्कूल में दाखिला दिलवाना चाहते हैं। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यह सही भी है कि अभिभावक थोड़ी मेहनत करके अपने बच्चे के लिए बेस्ट स्कूल का चयन करें। यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ खास बातें, जिनसे अच्छे स्कूल का चुनाव करने में आपको मदद मिलेगी:-

घर से स्कूल की दूरी:

प्राय: यह देखा जाता है कि दूसरों की देखा-देखी कई बार अभिभावक अपने घर से दूर किसी स्कूल में बच्चे का दाखिला करवा देते हैं। इससे उन्हें बच्चों के वैन या आॅटो का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है। इसलिए कोशिश करें कि अपने घर के नजदीकी अच्छे स्कूल में बच्चे का दाखिला करवाएं।

शिक्षा व्यवस्था की जानकारी:

आजकल जगह-जगह बहुत से स्कूल खुले हुए मिल जाएंगे। सबकी अपनी-अपनी पॉलिसी व पढ़ाई के तरीके भी अलग-अलग होते हैं। आप अपने बच्चे के बौद्धिक स्तर को ध्यान में रखते हुए स्कूल का चयन करें। प्राय: सभी स्कूल अपने-आपको बेस्ट बताते हैं, लेकिन आपको उस स्कूल का चयन करना है, जहां आपका बच्चा सही तरीके से समझ सके और अपना विकास कर सके।

स्कूल की फीस:

वर्तमान में लोगों ने शिक्षा को व्यवसाय बना लिया है। शिक्षा का स्तर जो भी हो, मगर महंगाई के दौर में शिक्षा भी लगातार महंगी होती जा रही है। ऐसे में अपनी आर्थिक स्थिति को ध्यान रखकर स्कूल का चयन करें। यह धारणा गलत है कि जहां अधिक फीस ली जाती है, वहां शिक्षा भी अच्छी मिलती है। आप थोड़ा ध्यान देंगे, तो पाएंगे कि कम फीस में अच्छी शिक्षा देने वाले भी स्कूल मिल जाएंगे।

शिक्षा के विषय:

आपका बच्चा किस कक्षा में दाखिला लेने जा रहा है और उसे कौन से विषय पढ़ने हैं, इसकी जानकारी लेकर ही स्कूल चयन की तरफ बढ़ें। आपके आसपास के जो बच्चे पहले से ही उन विषयों को किसी अच्छे स्कूल में पढ़ रहे हैं, तो अच्छा होगा कि आप उन्हें उसी स्कूल में भेजें। इससे स्कूल में मिले ज्ञान के अलावा आपके आसपास के बच्चे भी आपके बच्चे की पढ़ने में मदद कर सकते हैं।

ट्यूशन की आवश्यकता न पड़े:

ऐसे स्कूल का चयन करें, जहां विषयों का पूर्ण ज्ञान करवाया जाता है। यह न हो कि आप स्कूल में भी उन विषयों से संबंधित पूरी फीस वहन करें और बाद में अलग से ट्यूशन लगाकर अलग खर्चा उठाएं। बेहतर यही होगा कि अच्छी शिक्षा स्तर के स्कूल का चयन करें।

सांस्कृतिक गतिविधियों व खेलकूद पर भी हो ध्यान:

कहते हैं कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद का भी अपना विशेष महत्व है। इसलिए ऐसे अपने बच्चे के लिए ऐसे स्कूल का चुनाव करें, जहां पढ़ाई के अलावा सांस्कृतिक गतिविधियों व खेलकूद की विशेष व्यवस्था की गई है। समय-समय पर खेल प्रतियोगियों में बच्चा भाग लेगा, तो अवश्य ही स्वस्थ व ज्ञानवान बनेगा।
– रोहित सिंगला