जब किचन हेतु नौकर रखें

घर में नौकर रखते वक्त बहुत-सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है, ताकि बाद में आपको परेशानियों का सामना न करना पड़े और साथ ही बार-बार नया नौकर ढूंढने के झंझट से मुक्ति मिल सके!

परन्तु जब किचन के लिए नौकर रखने की बात आती है तो कई महत्त्वपूर्ण बातों पर गौर करना ज्यादा जरूरी हो जाता है क्योंकि यह पूरी फैमिली के स्वास्थ्य का सवाल होता है।

प्लानिंग करें :-

बेहतर होगा कि थोड़ा पढ़ा-लिखा नौकर रखें, ताकि वह मसालों इत्यादि के नाम सही तरह से पढ़ सके और रसोई के सामान की लिस्ट तैयार कर सके। उसे अपने खाने का समय व सभी सदस्यों की पसंद नापसंद अच्छी तरह बता दें।

शुरू में जब वह खाना पकाए तो आप स्वयं किचन में मौजूद रहें। ऐसा संभव न हो तो बीच-बीच में उसे चेक करती रहें। आपकी पसंद का खाना वह न बना पाए तो उसे थोड़ा समय दें, एकदम उसे नौकरी से निकालने की बजाए एक मौका दे! हां, यदि वह कुछ दिनों बाद तक भी सही खाना न बना पाए तो आपके लिए नया नौकर ढूंढने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

किस प्रकार की क्रॉकरी में क्या सर्व करना है, इसकी नॉलेज भी उसे जरूर दें, ताकि मेहमानों के आने पर आप सिरदर्दी से बच सकें। पूरे महीने का खाने का मेन्यु तैयार करके उसे दें। उसमें विकल्प अवश्य रखें ताकि कभी कोई सदस्य बीमार पड़ जाए या अचानक मेहमान आ जाएं तो आपको परेशानी न उठानी पड़े, उसे सब कुछ भली भांति समझाकर सामान की लिस्ट तैयार करें।

यदि आपका सब्जी वाला होम डिलीवरी देने में असमर्थ हो और घर के किसी सदस्य के पास भी पर्याप्त समय न हो तो सब्जियां व फल लाने की जिम्मेदारी नौकर को सौंप दें। उसे समझा दें कि ये ताजी होनी चाहिए।

यह भी जरूरी है कि उसके खाने का मेन्यु भी तैयार कर लें। अक्सर लोग इसकी अहमियत नहीं समझते, पर ध्यान रखें, अगर आप उसे मनपसंद खाना खाने से रोकेंगी तो वह आपसे नजर बचाकर ऐसा करेगा। जाहिर है, ऐसा वह रसोई में ही करेगा। खाना बनाते-बनाते भी वह ऐसा कर सकता है और साथ ही चुराकर खाने का मौका ढूंढने के चक्कर में वह खाना बनाने में पूरा ध्यान नहीं दे पाएगा। वह ऐसा नहीं भी करता तो सदैव असंतुष्ट रहेगा और काम में उसका मन नहीं लगेगा।

घातक हो सकती है अत्यधिक निर्भरता :-

अक्सर महिलाएं नौकर पर जरूरत से ज्यादा डिपेंड हो जाती हैं। वे यह भी देखना जरूरी नहीं समझती कि वह किचन में किस प्रकार काम कर रहा है। उसने किचन की पूर्ण रूप से सफाई की या नहीं, बर्तनों की साफ-सफाई का कितना ख्याल है, यही नहीं, उसके बीमार होने पर भी उसी से ही खाना तैयार करवाया जाता है।

यदि उसे कोई इंफेक्शन है तो उसके कीटाणु खाने में प्रवेश कर सकते हैं और पूरी फैमिली की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। वैसे भी रोगी अवस्था में वह आपको अच्छा खाना बनाकर नहीं खिला पाएगा। ऐसे में बेहतर यही होगा कि कुछ दिनों के लिए उसे छुट्टी देकर पार्टटाइम नौकर रख लें। अगर वह आपके घर में रहती है तो समय पर उसका इलाज करवाना जरूरी है।

आपकी लापरवाही की आदत उसे भी आलसी व लापरवाही बना सकती है।

प्राय:

ऐसे में नौकर अत्यधिक मात्रा में खाना बना लेते हैं जिससे आपके धन की बर्बादी होती है। सिर्फ इतना ही नहीं, वे साफ-सफाई का भी खास ख्याल नहीं रखते। सो, उसे कभी यह महसूस न होने दें कि आप उसे चेक नहीं करती या उस पर ही निर्भर हैं।
सीमा तय करें

फोन कॉल्स :-

फुल टाइम सर्वेंट है तो उसकी फैमिली या रिश्तेदारों के फोन आना स्वाभाविक है, परंतु उसे खाना पकाते समय फोन करने या अटेंड करने की इजाजत न दें। हो सकता है, वह बातों में मशगूल होकर यह भी भूल जाए कि गैस पर क्या पक रहा है। ऐसे में खाने का स्वाद तो बिगड़ेगा ही, साथ ही स्वच्छता की दृष्टि से भी यह ठीक नहीं, क्योंकि वह फोन पर व्यय किए समय की वजह से जल्दबाजी में खाना बनाएगा।

आउटिंग :-

उसे बाहर जाने या घर में उसके संबंधी या मित्रों को आने की परमिशन सोच-समझ कर दें। मिशनरी द्वारा भेजी गई सर्वेंट को प्रत्येक रविवार को मिशन जाना होता है, सो इसके लिए उसे कदापि न रोकें।

उसे अपने लिए शॉपिंग करनी हो, तो महीने में एक बार उसे शापिंग के लिए भेज दें। सतर्क रहें, क्योंकि वह कुछ भी गलत कर सकते हैं।
– भाषणा बांसल